अजातशाखान् शिशिर जातशाखान् हिमागमे। वर्षागमे च सुस्कन्धान् यथादिक्स्थान् प्ररोपयेत् ॥
अजातशाखा अर्थात् कलमी से भिन्न वृक्षों को शिशिर (माघ-फाल्गुन) में, कलमी वृक्षों को हेमन्त (मार्गशीर्ष पौष ) में और लम्बी-लम्बी शाखा वाले वृक्षों को वर्षा (श्रावण-भाद्र) में लगाना चाहिये।
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