मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 55 • श्लोक 22
कपित्थवल्लीकरणाय मूलान्यास्फोतधात्रीधववासिकानाम् । पलाशिनी वेतससूर्यवल्ली श्यामातिमुक्तैः सहिताष्टमूली ॥
कपित्थ (कैथ) के बीज की शीघ्र उत्पत्ति के लिये विष्णुक्रान्ता, आँवला, धव, बसा- इनकी जड़ः पत्तों से युत वेंत और सूर्यमुखी तथा निसोत, अतिमुश्कक (तेन्दुआ = तिनिस)- इनकी जड़;
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें