मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 55 • श्लोक 2
मृद्धी भूः सर्ववृक्षाणां हिता तस्यां तिलान् वपेत् । पुष्पितांस्तांश्च मृनीयात् कर्मैतत् प्रथमं भुवः ॥
सभी वृक्षों के लिये कोमल भूमि अच्छी होती है। जिस भूमि में बागीचा लगाना हो, उसमें पहले तिल बोमा चाहिये और जब वे तिल फूल जायें तब उनको उसी भूमि में मर्दन कर देना चाहिये। यह भूमि का प्रथम कर्म है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें