सप्तरात्रोषितैरेतैः सेकः कार्यों वनस्पतेः । वल्मीगुल्मलतानां च फलपुष्पाय सर्वदा ॥
सात रात तक रखने के पश्चात् फल, फूलों की वृद्धि के लिये उससे वृक्ष, गुल्म और लताओं को सींचना चाहिये।
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