मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 55 • श्लोक 16
फलनाशे कुलत्यैश्च मृतशीतपयः सेकःमाषैर्मुनैस्तिलैर्यवैः । फलपुष्पसमृद्धये ॥
वृक्ष में फल न लगें तो कुलथी, उड़द, मूंग, तिल, जौ-इन सबको दूध में डाल कर गर्म करने के पश्चात् उस दूध को उण्ढ़ा करके उससे फल और फूलों की वृद्धि के लिये वृक्षों को सीचना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें