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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 99
सारस्वतेन मुनिना दकार्गलं यत्कृतं तदवलोक्य । आर्याभिः कृतमेतद् वृत्तैरपि मानवं वक्ष्ये ॥
सारस्वत मुनि द्वारा जो उदकार्गल कहे गये हैं, उनको देखकर मैंने आर्या छन्दों के द्वारा यह उदकार्गल कहा है। अब मनु द्वारा प्रतिपादित उदकार्गल को वृत्तों के द्वारा कहता हूँ।
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