आग्नेये यदि कोणे प्रामस्य पुरस्य वा भवेत् कूपः । नित्यं स करोति भयं दाहं च समानुषं प्रायः ॥
यदि गाँव या नगर के आग्नेय कोण में कूप हो तो उस गाँव या नगर में नित्य अनेक प्रकार का भय होता है। अधिकतर आग लगती है और मनुष्य भी जल कर मरते हैं।
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