मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 94
उष्णा शीता च मही शीतोष्णाम्भस्त्रिभिर्नरैः साधैः । इन्द्रधनुर्मत्स्यो वा वल्मीको वा चतुर्हस्तात् ॥
जहाँ सब जगह गरम और एक जगह ठण्डी या सब जगह ठण्ड़ी और एक जगह गरम भूमि हो, वहाँ साढ़े तीन पुरुषप्रमाण नीचे जल होता है। जिस स्वल्प जल वाले या अधिक जल वाले प्रदेश में इन्द्रधनुष, मछली या वल्मीक हो, उस भूमि में चार हाथ नीचे जल होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें