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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 88
सूकरिकमाषपर्णीव्याघ्रपदाश्चेति यद्यहेर्निलये । वल्पीकादुत्तरतस्त्रिभिः करैस्त्रिपुरुषे तोयम् ॥
सूकरिका, माषपर्णी (मूड़), व्याघ्रपदा-ये औषधियों हों तो वल्मीक से उत्तर की ओर तीन हाथ पर तीन पुरुषप्रमाण नीचे जल होता है ।
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