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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 83
सपलाशा यत्र शमी पश्चिमभागेऽम्बु मानवैः षष्ट्या । अर्धनरेऽहिः प्रथमं सवालुका पीतमृत् परतः ॥
जहाँ पर पलाश (ढाक) के वृक्ष से युत शमी वृक्ष हो, वहाँ उन वृक्षों से पश्चिम में पाँच हाथ पर साठ पुरुषप्रमाण नीचे जल होता है। यहाँ पर आधा पुरुषप्रमाण नीचे सर्प और उसके नीचे रेत मिली हुई पीली मिट्टी मिलती है।
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