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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 80
हस्तचतुष्के मध्यात् षोडशभिश्चाङ्गुलैरुदग्वारि । चत्वारिंशत् पुरुषान् खात्वाऽश्माऽधः शिरा भवति ॥
हाथ एवं सोलह अङ्गुल पर चालीस पुरुषप्रमाण नीचे खोदने से पत्थर और उसके नीचे शिरा होती है।
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