मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 75
पीलुसमेता बदरी हस्तत्रयसम्मिते दिशि प्राच्याम् । विंशत्या पुरुषाणामशोष्यमम्भोऽत्र सक्षारम् ॥
यदि पीलु वृक्ष से युत बेर का वृक्ष हो तो उनसे तीन हाथ आगे पूर्व दिशा में बीस पुरुषप्रमाण नीचे कभी न सूखने वाला खारा जल होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें