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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 6
यदि चेतसोऽम्बुरहिते देशे हस्तैस्त्रिभिस्ततः पश्चात् । सार्धे पुरुषे तोयं वहति शिरा पश्चिमा तत्र ॥
यदि जलरहित देश में वेदमजनूँ का वृक्ष हो तो उससे तीन हाथ पश्चिम दिशा में डेढ़ पुरुष नीचे जल कहना चाहिये। भुजा ऊपर की तरफ खड़ी करने से पुरुष, की जितनी लम्बाई हो, वह एक पुरुषप्रमाण (१२० अंगुल) यहाँ पर ग्रहण करना चाहिये।
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