यदि भवति कर्णिकारः सितकुसुमः स्यात्पलाशवृक्षो वा । सव्येन तत्र हस्तद्वयेऽम्बु पुरुषद्वये भवति ॥
यदि सफेद पुष्प वाला कर्णिकार (कठचम्पा) या ढाक का वृक्ष हो तो उस वृक्ष से दो हाथ दक्षिण दिशा में दो पुरुष नीचे जल होता है।
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