मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 48
भाङ्गी त्रिवृता दन्ती सूकरपादी च लक्ष्मणा चैव। नवमालिका च हस्तद्वयेऽम्बु याम्ये त्रिभिः पुरुषैः ॥
नीचे जल होता है तथा जहाँ पर भङ्गरैया, निसोत, इन्द्रदन्ती (दन्तिया जयपाल), सूकरपादी, लक्ष्मणा- ये औषधियाँ हों, वहाँ से दो हाथ आगे दक्षिण दिशा में तीन पुरुष नीचे जल की प्राप्ति होती है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें