भाङ्गी त्रिवृता दन्ती सूकरपादी च लक्ष्मणा चैव। नवमालिका च हस्तद्वयेऽम्बु याम्ये त्रिभिः पुरुषैः ॥
नीचे जल होता है तथा जहाँ पर भङ्गरैया, निसोत, इन्द्रदन्ती (दन्तिया जयपाल), सूकरपादी, लक्ष्मणा- ये औषधियाँ हों, वहाँ से दो हाथ आगे दक्षिण दिशा में तीन पुरुष नीचे जल की प्राप्ति होती है।
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