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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 40
वल्मीकसंवृतो यदि तालो वा भवति नालिकेरो वा । पश्चात् ष‌भिर्हस्तैर्नरैश्चतुर्भिः शिरा याम्या ॥
यदि वल्मीक से युक्त ताड़ (ताल) या नारियल का वृक्ष हो तो उस वृक्ष से छः हाथ पश्चिम दिशा में चार पुरुष नीचे दक्षिणवाहिनी शिरा होती है।
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