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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 21
जलपरिहीने देशे वृक्षः कम्पिल्लको यदा दृश्यः । प्राच्यां हस्तत्रितये वहति शिरा दक्षिणा प्रथमम् ॥
जलरहित देश में कम्पित्त वृक्ष (कपिल कवीला) दिखाई दे तो उससे तीन हाय पूर्व दिशा में सवा तीन पुरुष नीचे दक्षिण शिरा बहती है। यहाँ पर खोदने के समय पहले नील कमल के समान रंग
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