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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 124
हस्तो मधानुराधापुष्यधनिष्ठोत्तराणि रोहिण्यः । शतभिषगित्यारम्भे कूपानां शस्यते भगणः ॥
हस्त, मघा, अनुराधा, पुष्य, धनिष्ठा, तीनों उत्तरा, रोहिणी, शतभिषा-इन नक्षत्रों में कूप का आरम्भ करना शुभ होता है।
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