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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 122
अञ्जनमुस्तोशीरैः सराजकोशातकामलकचूर्णैः । कतकफलसमायुक्तयोंगः कूपे प्रदातव्यः ॥
अञ्जन, मोथा, खस, राजकोशातक, आँवला, कतक का फल-इन सबका चूर्ण कूप में डालना चाहिये।
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