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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 120
ककुभवटाप्रप्लक्षकदम्बैः सनिचुलजम्बूवेतसनीपैः । कुरबकतालाशोकमधूकैर्बकुलविमित्रैश्चावृततीराम् ॥
निबूल, जामुन, बेंत, नीप (एक तरह का कदम्ब)- इन वृक्षों के साथ अर्जुन, बद, आम, पिलखन, कदम्ब और बकुल के साथ कुरषक, ताड़, अशोक, महुआ,
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