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बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 12
उदगर्जुनस्य दृश्यो वल्मीको यदि ततोऽर्जुनाद्धस्तैः । त्रिभिरम्बु भवति पुरुषैस्त्रिभिरर्थसमन्वितैः पश्चात् ॥
अर्जुन वृक्ष से तीन हाथ उत्तर दिशा में बाँबी हो तो उससे तीन हाथ पश्चिम दिसा में साढ़े तीन पुरुष नीचे जल होता है। यहाँ पर भी खोदने पर कुछ चिह्न मिलते हैं
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