स्युर्नक्तमालाच विभीतको वा मदयन्तिका वा यत्रास्ति तस्मिन् पुरुषत्रयेऽम्भः । स्यात् पर्वतस्योपरि पर्वतोऽन्य- स्तत्रापि मूले पुरुषत्रयेऽम्भः ॥
ये सब जहाँ पर अवस्थित हों; वहाँ पर तीन पुरुष- प्रमाण नीचे जल होता है। साथ ही जहाँ पर एक पर्वत के ऊपर दूसरा पर्वत हो, वहाँ पर भी तीन पुरुषप्रमाण नीचे जल होता है।
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