मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 54 • श्लोक 101
खर्जूरजम्ब्बर्जुनवेतसाः स्युः क्षीरान्विता वा द्रुमगुल्मवल्ल्यः । छत्रेभनागाः शतपत्रनीपाः ससिन्दुवाराः ॥
खजूर, जामुन, अर्जुन, वेंत-ये वृक्षविशेषः दूध वाले वृक्ष, गुल्म और लता, छत्री, हस्तीकर्णी, नागकेशर, कमल, कदम्ब, करा- ये सभी सिन्दुवार वृक्ष के साथ; बहेड़ा वृक्षविशेष, मदयन्तिका द्रव्यविशेष-
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें