अर्धपुरुषे च मत्स्यः पारावतसन्निभश्च पाषाणः । मृद्भवति चात्र नीला दीर्घ कालं च बहु तोयम् ॥
आधा पुरुषप्रमाण नीचे मछली और उसके
नीचे कबूतर के समान रंग वाला पत्थर निकलता है तथा इस खात में नील वर्ण को
मिट्टी होती है और चिर काल तक अधिक जल होता है।
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