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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 94
सितरक्तपीतकृष्णा विप्रादीनां प्रशस्यते भूमिः । गन्यश्च भवति यस्यां घृतरुधिरान्नाद्यमद्यसमः ॥
ब्राह्मणादि वर्णों के लिये क्रमशः सफेद, लाल, पीली और काली भूमि शुभ होती है। साथ ही क्रमशः घृतगन्धा, रक्तगन्धा, अन्नगन्धा और मद्यगन्धा भूमि भी शुभ होती है।
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