गृह के समीप में मन्त्री का घर हो तो धननाश, धूर्त का गृह हो तो पुत्रनाश, देवता का गृह हो तो चित्त में खेद, चौराहा हो तो अकीर्ति और चैत्य (प्रधान) वृक्ष हो तो ग्रहों का भय होता है।
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