पूर्वोक्त राजा के पाँच गृह और मन्त्री के पाँच गृह जो कहे गये हैं, उन दोनों के विस्तार के अन्तर तुल्य विस्तार और दैर्ध्य के अन्तरतुल्य दैर्ध्य लेकर माण्डलिक राजा
और प्रधान राजपुरुष का घर बनाना चाहिये। साथ ही राजा और युवराज के गृह के अन्तरतुल्य कशुकी, वेश्या और कलाज्ञाता का मर बनाना चाहिये ।
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