यदि मार्ग, वृक्ष, दूसरे घर का कोना, कूप, खम्भा या प्रम (जल निकलने की मोरी) से गृहद्वार विद्ध होता हो अर्थात् ये सब द्वार के सम्मुख हों तो अशुभ होते हैं। परन्तु गृहद्वार की जितनी ऊँचाई हो, उससे द्विगुणित भूमि को छोड़कर आगे वेध करते हुये भी इन मार्गादि का रहना दोषप्रद नहीं होता है।
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