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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 46
मध्ये ब्रह्मा नवकोष्ठकाधिपोऽ स्यार्यमा स्थितः प्राच्याम् । एकान्तरात् प्रदक्षिणमस्मात् सविता विवस्वांश्च ॥
पूर्वोक्त क्षेत्र के अन्तर्गत ये देवता विराजमान हैं। जैसे मध्य के नव कोष्ठों में ब्रह्मा, ब्रह्मा से पूर्व अर्यमा, प्रदक्षिण क्रम से एक पद व्यवहित करके सविता,
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