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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 39
सिद्धार्थमपरयाम्ये यमसूर्यं पश्चिमोत्तरे शाले । दण्डाख्यमुदक्पूर्वे वाताख्यं प्राग्युता याम्या ॥
जिसके पश्चिम और दक्षिण में शाला हो उसको 'सिद्धार्थ', जिसके पश्चिम और उत्तर में शाला हो उसको 'यमसूर्य', जिसके उत्तर और पूर्व में शाला हो उसको 'दण्ड',
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