स्तम्भ का मध्य भाग समान चार कोण वाला हो तो वह स्तम्भ 'रुचक', आठ कोण वाला हो तो 'वज्र', सोलह कोण वाला हो तो 'द्विवज्र', बत्तीस कोण वाला हो तो 'प्रलौनक' और वर्तुलाकार हो तो 'वृत्त' कहलाता है। ये पाँच स्तम्भ शुभ और शेष अशुभ फल देने वाले होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।