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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 23
व्यासात् षोडशभागः सर्वेषां सद्मनां भवति भित्तिः । पक्वेष्टकाकृतानां दारुकृतानां तु न विकल्पः ॥
प्रत्येक पक्की ईंटों से निर्मित गृह के व्यास के सोलहवें भागतुल्य उसके भीत का प्रमाण होना चाहिये। परन्तु लकड़ी से निर्मित गृहों के लिये इस प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं है, अपितु उसमें अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार भीत का प्रमाण बना लेना चाहिये।
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