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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 20
शालात्रिभागतुल्या कर्तव्या वीथिका बहिर्भवनात् । यद्यप्रतो भवति सा सोष्णीषं नाम तद्वास्तु ॥
शाला के तृतीयांशतुल्य भवन के बाहर वीथिका (स्थला = कृत्रिम भूमि ) बनानी चाहिये। यह जिस भवन के पूर्व में हो वह 'सोष्णीष', जिसके पश्चिम में हो
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