राजा और सेनापति के गृह के अन्तरतुल्य कोश (खजाना) का घर और रतिभवन (क्रोडागृह) बनाना चाहिये तथा सेनापति और चारो वर्षों के गृह के अन्तरतुल्य राजपुरुषों का घर बनाना चाहिये। जैसे कि सेनापति और ब्राह्मण के गृह के अन्तरतुल्य ब्राह्मण राजपुरुषों का, सेनापति और क्षत्रिय के गृह के अन्तरस्य क्षत्रिय राजपुरुषों का, सेनापति और वैश्य के गृह के अन्तरतुल्य वैश्य राजपुरुषों का तथा सेनापति और शुद्र के गृह के अन्तरतुल्य शुद्र राजपुरुषों का घर बनाना चाहिये।
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