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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 106
सूत्रे प्रसार्यमाणे गर्दभरावोऽस्थिशल्यमाचष्टे । श्वशृगाललङ्घिते वा सूत्रे शल्यं विनिर्देश्यम् ॥
सूत्र फैलाने के समय यदि गदहे का शब्द सुनाई दे तो गृहपति के नीचे हड्डी कहनी चाहिये तथा कुत्ता या सियार उस सूत्र को लाँघ जाय तो भी उक्त स्थान में शल्य कहना चाहिये ।
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