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बृहत्संहिता • अध्याय 53 • श्लोक 101
वक्रा पादालिखिता शत्रुभयक्लेशदा विरूपा च । चर्माङ्गारास्थिकृता दन्तेन च भर्तुरशिवाय ॥
टेढ़ी, पाँव से बनाई गई या रूपरहित रेखा शत्रुभय और कष्ट प्रदान करने वाली होती है। चमड़ा, कोयला, हड्डी या दाँत से बनाई गई रेखा गृहपति के लिये अशुभ होती है।
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