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बृहत्संहिता • अध्याय 52 • श्लोक 9
उत्पातगण्डपिटका दक्षिणतो वामतस्त्वभीघाताःनिर धन्या भवन्ति पुंसां तद्विपरीताश्च नारीणाम् ॥
उत्पात ( अंगस्पन्दन), गण्ड (एक प्रकार की फुन्सी) और फुन्सी दक्षिण में आपात तथा वाम में पुरुषों के शुभ होते हैं। इसके विपरीत स्त्रियों के; जैसे-उत्पात, गण्ड और पिटक वाम में आघात तथा दक्षिण में शुभ होते हैं।
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