यदि हाथ में फुन्सी हो तो धनलाभ, अंगुलियों में हो तो सौभाग्य, पेट में हो तो शोक,
नाभि में हो तो सुन्दर अत्र-जल का लाग, नाभि के नीचे हो तो चोरों से धन का हरण,
बस्ति (नाभि और लिंग के मध्य में हो तो धन-धान्य का लाभ, लिंग में हो तो खी
और सुन्दर पुत्रों की प्राप्ति, गुदा में हो तो धनलाभ तथा अण्डकोश में हो तो सौभाग्य
प्रदान करती है।
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