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बृहत्संहिता • अध्याय 51 • श्लोक 41
प्राणाया दक्षिणे द्वारे स्पृष्टे मासोत्तरं वदेत्। वामेऽब्दी कर्ण एवं मा द्विचतुर्नः श्रुतिस्तने ॥
'गर्भ होगा या नहीं' इस तरह के प्रश्नकाल में खी यदि नासिका के दक्षिण द्वार (पिङ्गला नाड़ी) का स्पर्श करे तो एक मास बाद, थाम द्वार (इडा नाडी) का स्पर्श करे तो दो वर्ष में, दक्षिण कर्ण का स्पर्श करे तो दो मास बाद, वाम कर्ण का स्पर्श करे तो दो वर्ष बाद, दक्षिण स्तन का स्पर्श करे तो चार साल बाद और ग्राम स्तन का स्पर्श करे तो दो वर्ष में गर्भस्थिति होगी-ऐसा कहना चाहिये।
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