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बृहत्संहिता • अध्याय 51 • श्लोक 36
मूर्धगलकेशहनुशङ्खकर्णजचं बस्तिं च स्पृष्ट्वा । गजमहिषमेषशूकरगोशशमृगमहिषमांसयुग्भुक्तम् ॥
यदि प्रश्नकाल में प्रश्नकर्ता शिर, कण्ठ, ठोड़ी, केश, कनपटी, कान, जंघा और बस्ति ( नाभि और लिंग के बीच का स्थान) का स्पर्श करे तो क्रम से हाथी, भैंस, शूकर, मेष, गौ, खरगोश, मृग और भैंस के मांस से मिश्रित भोजन किया है-ऐसा कहना चाहिये।
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