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बृहत्संहिता • अध्याय 51 • श्लोक 35
श्लेष्मत्यागे शुष्कतिक्तं तदल्पं श्रुत्वा क्रव्यादं वा प्रेक्ष्य वा मांसमिश्रम् । भूगण्डौष्ठस्पर्शनि शाकुनं तद् भुक्तं तेनेत्युक्तमेतन्निमित्तम् ॥
यदि प्रश्नकाल में कफ फेंके तोड़ी सूखी तीतो यस्तु और मांसभोजी पक्षों को सुगे या देखे तो मांसमिश्रित वस्तु तथा धू, गाल या ओठ का स्पर्श करे तो प्रश्नकर्ता ने पक्षी का मांस खाया है-ऐसा कहना चाहिये।
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