यदि प्रश्नकाल में प्रश्नकर्ता भाँठर के अंग का स्पर्श करे तो अपना मनुष्य, चाहर के अंग का स्पर्श करे तो बाहर के मनुष्य, पाँव के अंगूठे का स्पर्श करे तो दास, पाँव की अंगुली का स्पर्श करे तो दासी, जहा का स्पर्श करे तो प्रेप्य ( दूत), नाभि का स्पर्श करे तो बहन, हृदय का स्पर्श करे तो अपनी खो, हाथ के अंगूठे का स्पर्श करे तो अपना पुत्र और हाथ को अंगुली का स्पर्श करे तो अपनी कन्या को चोर कहना चाहिये।
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