यदि प्रश्नकाल में प्रश्नकर्ता के मुख से पहले-पहल 'बताइये' ऐसा शब्द निकले तो जय या मार्गसम्बन्धी चिन्ता कहनी चाहिए। 'देख कर मेरे हृदयगत बात को चताइये' ऐसा निकले तो बन्धुकृत और 'आप शीघ्र देखिये' ऐसा शब्द निकले तो सब लोगों के
मध्यगत प्रश्नकर्ता को घोरसम्बन्धी चिन्ता कहनी चाहिये ।
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