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बृहत्संहिता • अध्याय 51 • श्लोक 24
इच्छामि प्रष्टुं भण पश्यत्वार्यः समादिशेत्युक्ते । संयोगकुटुम्बोत्या लाभैश्वर्योद्रता चिन्ता ॥
यदि प्रश्न करने के समय प्रश्नकर्ता के मुख से पहले-पहल 'मैं पूछना चाहता हूँ आप कहिए' इस तरह का शब्द निकले तो सन्धि या कुटुम्बसम्बन्धी, 'आप देखिये' इस तरह का शब्द निकले तो लाभसम्बन्धी और 'आप आज्ञा दें' इस तरह का शब्द निकले तो ऐश्वर्यसम्बन्धी चिन्ता कहनी चाहिये।
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