यदि प्रश्नकाल में तापस (तपस्यो) का दर्शन हो तो प्रवासी की और कलाल ( मद्य बेचने बाले) का दर्शन हो तो पशुओं की रक्षासम्बन्धी चिन्ता कहनी चाहिए। यदि उन्छ वृत्ति ( गिरे हुये एक-एक दाने को इकट्ठा करने वाले) का दर्शन हो तो विपत्ति की चिन्ता कहनी चाहिए।
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