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बृहत्संहिता • अध्याय 51 • श्लोक 18
न्यग्रोधमधुकतिन्दुकजम्बूप्लक्षानबदरजातिफलैः धनकनकपुरुषलोहांशुकरूप्यौदुम्बराप्तिरपि करगैः ॥
यदि प्रश्नकाल में प्रश्नकर्ता के हाथ में बड़, महुआ, तिन्दू, जामुन, पाकड़, आम और और का फल हो तो क्रम से धन, सुवर्ण, द्विपद, लोहा, वस्त्र, चाँदी और औदुम्बर ( ताँबा ) की प्राप्ति कहनी चाहिए। जैसे बढ़ का फल हाय में हो तो धन की प्राप्ति, महुआ का फल हाथ में हो तो सुवर्ण को प्राप्ति इत्यादि कहनी चाहिये ।
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