कहुआ, मज्जा, रक्त या क्षार की तरह गन्य हो तो भय और दुःख देने वाला होता है। वैदूर्यमणि, सुवण या बिजली के समान खड्ग
में कान्ति हो तो जय, आरोग्य और उनतिकारक होता है।
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