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बृहत्संहिता • अध्याय 50 • श्लोक 21
करवीरोत्पलगजमदघृतकुङ्कुमकुन्दचम्पकसगन्यः । शुभदोऽनिष्टो गोमूत्रपङ्कमेदः सदृशगन्धः ॥
करवीर, कमल, हाथी के मद, घृत, कुङ्कुम, कुन्द या चम्पापुष्प के समान सुगन्धि हो तो शुभदायी होता है। गोमूत्र, पङ्क या मेद (हड्डी के अन्तर्गत तैल भाग) की तरह गन्ध हो तो अशुभ फलदायी होता है।
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