यदि ग्रहण की स्थिति में प्रारंभ मंडल के पूर्व में हो और अंत या मुक्ति पश्चिम में हो तो उसे जरण कहते हैं। इस मामले में प्रभाव यह होगा कि लोग भूख और हथियारों के खतरे से पीड़ित होंगे। लोग व्याकुल हो जायेंगे और उन्हें किसी प्रकार की राहत न मिलेगी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।