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बृहत्संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 76
ज्येष्ठे नरेन्द्रद्विजराजपत्न्यः सस्यानि वृष्टिश्च महागणाश्च । प्रध्वंसमायान्ति नराश्च सौम्याः साल्वैः समेताश्च निषादसंघाः ॥
यदि ग्रहण ज्येष्ठ माह में पड़ता है तो राजा, उनकी रानियाँ, ब्राह्मण, फसलें, वर्षा, लोगों की भीड़, सुन्दर व्यक्ति, साल्व और शिकारियों का समूह नष्ट हो जाएगा।
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